बुधवार, 21 नवंबर 2012

=====मुक्तक ================
ह्रदय की गहराई से मैंने तुमको चाहा है
पर तुमने कब मुझको मेरे जैसा चाहा है
एक कसक है अपनाने की मेरे मन में
पर तूने ऐसा कब अपने मन से चाहा है ?
=====================आशावादी  

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